अमेरिका में फेडरल जूरी ने भारतीय युवक को फ्लाइट में यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषी ठहराया, सात मई को सुनाई जाएगी सजा
यूएस अटॉर्नी ऑफिस की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्जीनिया के एलेक्जेंड्रिया में 29 जनवरी को फेडरल जूरी ने भारतीय नागरिक 38 वर्षीय वरुण अरोड़ा फ्लाइट में यौन उत्पीड़न और हमले के आरोप में दोषी ठहराया। 
विज्ञप्ति के अनुसार, अरोड़ा अमेरिका में बिना वैध नागरिकता (कानूनी स्टेटस) के रह रहा है। सात मई को सजा सुनाए जाने पर उसे दो साल तक की जेल हो सकती है। एक फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का जज अमेरिकी कानून और अन्य बातों पर विचार करने के बाद अपने विवेक के आधार पर सजा की अवधि तय करेगा। इस मामले की जांच संघीय जांच ब्यूरो के वाशिंगटन स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने की। इस मामले की पैरवी स्पेशल असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी मैडिसन मुम्मा और असिस्टेंट यूएस.अटॉर्नी रसेल एल. कार्लबर्ग कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि फेडरल जूरी अमेरिका की संघीय अदालतों में नागरिकों का एक समूह होता है। उसे कानूनी मामलों (दीवानी या आपराधिक) में साक्ष्यों की जांच कर निष्पक्ष फैसला सुनाने के लिए चुना जाता है। यह जूरी संघीय कानूनों के तहत मामलों की सुनवाई करती है। जूरी में आमतौर पर छह से-12 सदस्य होते हैं।

