बिहार में बंद सभी चीनी मिलें होगी चालू, उद्योग का बिछ रहा है जाल, अब कोई मजदूरी के लिए नहीं जाएगा बाहर:सम्राट चौधरी
पटना/सारण
, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार
की सभी बंद चीनी मिलें चालू कराई जाएंगी। प्रदेश में बड़े पैमाने पर
उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए बाहर
नहीं जाना पड़े। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समृद्धि
यात्रा के दौरान सारण पहुंचे थे। वहां आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए युवा कौशल विभाग
का गठन किया गया है। बिहार के युवाओं को कौशल युक्त बनाया जा रहा है।
पिछले पांच वर्षों में राज्य में पचास लाख सरकारी नौकरी और रोजगार दिए गए
हैं। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ सरकारी नौकरी और रोजगार का लक्ष्य
निर्धारित किया गया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता
है कि बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिले इसके लिए उद्योगों
को बढ़ावा दिया जा रहा है। बिहार में देश की सबसे बेहतर औद्योगिक नीति को
लागू किया गया है। यहां उद्योग लगाने के लिए सरकार एक रुपये में जमीन
उपलब्ध करा रही है। 15 दिनों में लोन मंजूर किया जा रहा है। इसके बाद
बिहार में सेमीकंडक्टर तक की फैक्ट्रियां लग रही है।
उपमुख्यमंत्री
ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार यात्राओं के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने न्याय यात्रा, प्रगति यात्रा से लेकर समृद्धि यात्रा के माध्यम से
जनता से सीधा संवाद कर बिहार के विकास की मजबूत नींव रखी है। इन यात्राओं
के दौरान जनता की जरूरतों को समझकर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे
बुनियादी क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।
उन्हाेंने कहा
कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में घर-घर बिजली पहुंचाने का सपना साकार हुआ है।
एक समय था जब बिहार के शहरों में भी मुश्किल से पांच घंटे बिजली मिलती थी,
लेकिन आज गांवों में चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में
एक करोड़ 90 लाख परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे
लगभग एक करोड़ 70 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है।
बिहार
में सड़कों का व्यापक जाल बिछा है। गांव-गांव ही नहीं बल्कि गली-गली तक
सड़कों का निर्माण कराया गया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही छपरा में
एयरपोर्ट का भी निर्माण कराया जाएगा, जिससे सारण और आसपास के जिलों की
कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार व पर्यटन को नई गति मिलेगी।

