कल्याण केवल पत्रिका नहीं बल्कि आध्यात्मिक पथप्रदर्शक: अमित शाह


- ऋषिकेश के गीता भवन में केंद्रीय मंत्री ने कल्याण पत्रिका के साैंवे अंक का किया विमाेचन

ऋषिकेश,   केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है। गीता केवल एक पत्रिका नहीं है बल्कि आध्यात्मिक पथप्रदर्शक है। गीता प्रेस सनातन चेतना का प्रमुख आधार है। इसने आत्मिक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ने की दिशा दी।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह बुधवार को ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्हाेंने गीता प्रेस की ओर से प्रकाशित पत्रिका कल्याण के सौवें अंक का विमोचन भी किया। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि भारत का हर वह व्यक्ति जिसकी आस्था सनातन धर्म में है तथा विश्व का हर वह नागरिक जो भारतीय संस्कृति में वैश्विक समस्याओं के समाधान खोजता है और इस भूमि से प्रेम करता है, वह गीता प्रेस से अनजान नहीं हो सकता। अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस के संस्थापक जयदयाल गोयंदका और हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी) ने लगभग 103 वर्षों से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया है। गीता प्रेस ने करोड़ों लोगों को भक्ति के माध्यम से अध्यात्म की ओर प्रेरित किया और उन्हें आत्मिक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ने की दिशा दी। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति प्रत्येक व्यक्ति, घर और परिवार के हृदय में श्रद्धा स्थापित करने का कार्य किया है।

केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि गीता प्रेस लाभ के लिए नहीं, बल्कि पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है। यह संस्था आत्मनिर्भर रहते हुए करोड़ों लोगों तक धार्मिक और आध्यात्मिक साहित्य पहुंचा रही है। उन्होंने गीता प्रेस के सभी ट्रस्टियों को नमन करते हुए कहा कि कल्याण पत्रिका ज्ञान की सनातन ज्योति को प्रत्येक पाठक तक पहुंचाने का माध्यम है। देश में दिखाई दे रही सनातन चेतना के पुनर्जागरण में कल्याण का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि कल्याण केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जगत का पथप्रदर्शक है। अमित शाह ने कहा कि इस पत्रिका ने समाज की सकारात्मक और सज्जन शक्तियों को संगठित करने का कार्य किया है तथा सौ वर्षों में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि गीता प्रेस ने लोकप्रिय धार्मिक ग्रंथों का बार-बार प्रकाशन कर उन्हें जन-जन तक पहुंचाया है। उन्होंने व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी मां, दादी और अब उनकी पोती भी गीता प्रेस की हनुमान चालीसा का पाठ करती हैं, जो इसके व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गोविंद देव गिरी महाराज, राजेंद्र स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी परमानंद महाराज, स्वामी चिदानंद सरस्वती, गोविंदानंद तीर्थ महाराज, गोविंद भवन के अध्यक्ष केशवराम अग्रवाल, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, नील रत्न चांद कोठिया सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।