टी20 विश्व कप: आईसीसी ने बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग खारिज की, अंतिम निर्णय के लिए दिया एक और दिन का समय


नई दिल्ली

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को टी20 विश्व कप 2026 में भारत आकर खेलने को लेकर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक दिन का और समय दिया है। यदि बांग्लादेश सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से इनकार करता है, तो आईसीसी बोर्ड ने टीम रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को उसकी जगह टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला किया है।

यह निर्णय बुधवार को हुई आईसीसी बोर्ड बैठक में लिया गया, जहां अधिकांश निदेशकों ने बांग्लादेश की जगह वैकल्पिक टीम को शामिल करने के पक्ष में मतदान किया। बैठक में मौजूद 15 निदेशकों में से केवल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बीसीबी के रुख का समर्थन किया। यह बैठक उस समय बुलाई गई, जब पीसीबी ने मंगलवार को आईसीसी और अन्य क्रिकेट बोर्डों को पत्र लिखकर बांग्लादेश के पक्ष में अपना समर्थन जताया था।

आईसीसी बोर्ड की बैठक में सभी फुल मेंबर देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में आईसीसी चेयर जय शाह के अलावा बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, श्रीलंका क्रिकेट अध्यक्ष शम्मी सिल्वा, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नक़वी, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अध्यक्ष माइक बेयर्ड, जिम्बाब्वे क्रिकेट अध्यक्ष तवेंगा मुखुहलानी, वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष किशोर शैलो, क्रिकेट आयरलैंड चेयर ब्रायन मैकनीस, न्यूजीलैंड के प्रतिनिधि रोजर ट्वोज़, ईसीबी चेयर रिचर्ड थॉम्पसन, दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि मोहम्मद मूसा जी और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष मीरवाइस अशरफ मौजूद रहे।

इसके अलावा दो एसोसिएट मेंबर निदेशक मुबाशिर उस्मानी और महिंदा वल्लिपुरम, आईसीसी सीईओ संजोग गुप्ता, उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और आईसीसी के महाप्रबंधक गौरव सक्सेना भी बैठक में शामिल थे। आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) के प्रमुख एंड्रयू एफग्रेव भी बैठक में मौजूद थे, जो पिछले सप्ताह ढाका जाकर बीसीबी के साथ सुरक्षा को लेकर प्रत्यक्ष बातचीत कर चुके हैं।

बैठक के बाद जारी बयान में आईसीसी ने कहा,“सभी सुरक्षा आकलनों और स्वतंत्र समीक्षाओं पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इन सभी रिपोर्टों में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत में टूर्नामेंट स्थलों पर बांग्लादेश के खिलाड़ियों, मीडिया कर्मियों, अधिकारियों और प्रशंसकों के लिए कोई खतरा नहीं है।”

आईसीसी ने आगे कहा कि टूर्नामेंट से ठीक पहले कार्यक्रम में बदलाव करना व्यावहारिक नहीं है और बिना किसी ठोस सुरक्षा खतरे के शेड्यूल बदलना भविष्य के आईसीसी आयोजनों के लिए गलत मिसाल कायम कर सकता है, जिससे वैश्विक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा।

आईसीसी प्रबंधन ने बीसीबी के साथ कई दौर की बातचीत और पत्राचार किया तथा विस्तृत सुरक्षा योजनाएं, केंद्र और राज्य स्तर की सुरक्षा व्यवस्था और मेजबान अधिकारियों की औपचारिक गारंटी साझा की, लेकिन इसके बावजूद गतिरोध नहीं टूट सका।

गौरतलब है कि 4 जनवरी को बांग्लादेश सरकार के समन्वय से बीसीबी ने आईसीसी को पत्र लिखकर भारत में सुरक्षा कारणों से टीम न भेजने की जानकारी दी थी। यह कदम बीसीसीआई द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल 2026 के लिए बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के निर्देश के बाद उठाया गया था, हालांकि उस निर्देश के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया था।

इसके बाद से बांग्लादेश और उसकी सरकार अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने भारत की जगह श्रीलंका में खेलने की मांग की। बीसीबी ने यह भी सुझाव दिया था कि उनके ग्रुप को आयरलैंड जैसी किसी टीम से बदला जाए, जो अपने सभी ग्रुप मैच श्रीलंका में खेल रही है, लेकिन आईसीसी ने इस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।

आईसीसी ने स्पष्ट किया कि आयोजन स्थल और कार्यक्रम से जुड़े फैसले वस्तुनिष्ठ सुरक्षा आकलन, मेजबान देश की गारंटी और सभी 20 टीमों पर समान रूप से लागू नियमों के आधार पर किए जाते हैं। बिना किसी स्वतंत्र सुरक्षा खतरे के प्रमाण के मैच स्थान बदलना न केवल लॉजिस्टिक समस्याएं पैदा करेगा, बल्कि आईसीसी की निष्पक्षता और प्रशासनिक अखंडता को भी नुकसान पहुंचाएगा।

बांग्लादेश को टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप-सी में रखा गया है। टीम को अपने पहले तीन मुकाबले 7, 9 और 14 फरवरी को कोलकाता में, जबकि आखिरी ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई में खेलना है। अब सबकी नजरें बीसीबी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।